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36 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने पर कà¥à¤¯à¤¾ जानना जरà¥à¤°à¥€ है
पà¥à¤°à¤¸à¤µ की नियत तिथि के आसपास, 36 से 40 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच à¤à¤• अनà¥à¤¯ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ सà¥à¤•ैन और रंगीन डॉपà¥à¤²à¤° अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करवाया जा सकता है, जिसमें गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पता लगाना, à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ की मातà¥à¤°à¤¾ मापना, शिशॠकी सेहत और रकà¥à¤¤à¤¸à¤‚चार, अपरा की अवसà¥à¤¥à¤¾, शिशॠकी अवसà¥à¤¥à¤¾ और वजन को जानना आदि को शामिल है।
मेकोनियम à¤à¤• चिपचिपा, काला गाà¥à¤¾ पदारà¥à¤¥ होता है, जो शिशॠका पहला मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— होता है। कà¥à¤› शिशॠगरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में रहने के दौरान ही मेकोनियम तà¥à¤¯à¤¾à¤— देते हैं और यह इस बात का संकेत हो सकता है कि वे परेशान हैं। यदि à¤à¤¸à¤¾ होता है, तो à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‰à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ धबà¥à¤¬à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो सकता है और साफ और पनीले रूप से बदलकर कà¥à¤›-कà¥à¤› हरे रंग का हो जाता है। यदि आपके पानी की थैली फट जाती है और आपको इसका पता चल जाता है, तो यह अहम होगा कि आप अपनी दाई या डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ जाà¤à¤š करवाà¤à¤‚।
आपके शिशॠकी खोपड़ी à¤à¤• जटिल ढांचा होती है और इसके अंदर की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤ इसके बड़े होने तक साथ नहीं जà¥à¥œà¥‡à¤‚गी।जनà¥à¤® के दौरान, यह अहम होता है कि शिशॠकी खोपड़ी माठके बरà¥à¤¥ कैनाल के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आकार ले ले और अनà¥à¤•ूलित हो जाà¤à¥¤ यदि यह आपका पहला गरà¥à¤ है, तो आपके शिशॠका सिर इस हफà¥à¤¤à¥‡ आपके पेड़ू में आने या खिसकने लगता है। अब उसके यहाà¤-वहाठमà¥à¥œà¤¨à¥‡ के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ नहीं बचता है और उसकी गतिविधियाठअब सीमित हो जाती हैं। यदि आपका शिशॠसिर नीचे वाली पोज़िशन के अलावा किसी अनà¥à¤¯ पोज़िशन में है, तो आपको अपनी दाई या डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पà¥à¤°à¤¸à¤µ के विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ पर चरà¥à¤šà¤¾ करनी होगी।
इस हफà¥à¤¤à¥‡ आपके शरीर में होने वाले बदलाव
अपनी पीठके बल लेटने की सलाह नहीं दी जाती है, इसलिठकरवट लेकर सोना ही à¤à¤•मातà¥à¤° विकलà¥à¤ª होता है। समसà¥à¤¯à¤¾ यह होती है कि आपके पास बदलने के लिठकेवल दो करवटें ही होती हैं, इसलिठआपको अपने कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ या जांघों के आसपास थोड़े दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है। रात में कà¥à¤› बार टॉयलेट जाने की आदत डाल लें। आपका गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ इतना बड़ा हो जाता है कि आपके बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° को अधिक मूतà¥à¤° à¤à¤°à¤¨à¥‡ की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती, जिससे आपको लगे आपको टॉयलेट जाना ही होगा।
लेटी हà¥à¤ˆ अवसà¥à¤¥à¤¾ से सीधा बैठने में जलà¥à¤¦à¤¬à¤¾à¤œà¥€ करने से बचें और अपने रकà¥à¤¤ चाप को अनà¥à¤•ूलित होने दें। आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° शायद अब से लेकर शिशॠजनà¥à¤® तक आपको सापà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¤¿à¤• रूप से à¤à¤‚टी-नेटल अपà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚टमेंट के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करेंगे। सामानà¥à¤¯ जांचों में आपके मूतà¥à¤°, रकà¥à¤¤ चाप, वज़न और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के आकार की जाà¤à¤š शामिल होगी। आपकी फंडल ऊà¤à¤šà¤¾à¤ˆ को मापा जाà¤à¤—ा ताकि देखा जा सके कि कà¥à¤¯à¤¾ यह आपकी तिथियों से मेल खाती है या नहीं।यदि कोई अंतर होता है, तो आपको à¤à¤• अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के लिठà¤à¥‡à¤œà¤¾ जा सकता है जिसमें आपके शिशॠके आकार, à¤à¤®à¥à¤¨à¥‰à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ की मातà¥à¤°à¤¾ और पà¥à¤²à¥ˆà¤¸à¥‡à¤‚टल आकार की जाà¤à¤š की जाà¤à¤—ी। यदि आप शिशॠकी उन गतिविधियों के जवाब में अपनी उंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से धीरे से कोचती हैं, तो आप पाà¤à¤‚गी कि आपका शिशॠà¤à¥€ वापस से कोंचेगा। इन आखिरी के कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में आपके पेड़ू की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ अलग और ढीली हो रही होती हैं, जिसके कारण आपको घाव और दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है।
गरà¥à¤® पानी से नहाना या शॉवर लेना, मसाज करना, आराम करना और खà¥à¤¦ का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना इन अंतिम हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में आगे बà¥à¤¨à¥‡ के अचà¥à¤›à¥‡ तरीके होते है। यदि इस हफà¥à¤¤à¥‡ आपके शिशॠका सिर पेड़ू में आ जाता है, तो आप पाà¤à¤‚गी कि आप अधिक आसानी से सांस ले पा रही हैं। आपके फेफड़े और डायफ़à¥à¤°à¤¾à¤® थोड़ा अधिक फैल सकते हैं और अपनी सामानà¥à¤¯ पोज़िशन में जा सकते हैं। हां, तकरीबन।
इस हफà¥à¤¤à¥‡ के सà¥à¤à¤¾à¤µ
यह अहम है कि आप दिन में कम से कम दो बार बà¥à¤°à¤¶ करें, फ़à¥à¤²à¥‰à¤¸ करें और नियमित रूप से अपने डेंटिसà¥à¤Ÿ से जांच करवाà¤à¤‚। दांतों में सड़न पैदा करने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ काफी संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• होते हैं और माà¤à¤à¤‚ आसानी से अपने मौखिक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को अपनी लार और सांसों के जरिठअपने शिशॠके रोगाणà¥à¤®à¥à¤•à¥à¤¤ मà¥à¤à¤¹ में हसà¥à¤¤à¤¾à¤‚तरित कर सकती हैं।
दोपहर में à¤à¤• घंटे की à¤à¤ªà¤•ी लेना अचà¥à¤›à¤¾ रहेगा। दोपहर में काफी अधिक सोने से रात की नींद पर असर पड़ सकता है, इसलिठदोपहर के खाने के बाद आप कितने समय तक आराम करती हैं, इसे लेकर सावधान रहें।अपने शिशॠके बिसà¥à¤¤à¤° को तैयार करने पर सोच-विचार और खोज करें। खà¥à¤¦ को SUDI (नवजात-शिशà¥à¤“ं में अचानक होने वाली असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ मृतà¥à¤¯à¥) के खतरे को कम से कम करने के लिठतैयार करें। जानकारी होना हमेशा अचà¥à¤›à¤¾ होता है, है न?
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